पटना मेट्रो खेमनीचक–मीठापुर कॉरिडोर के लिए नई ट्रेन खरीदने की तैयारी कर रही है। जानिए कब शुरू होगा नया रूट, कितनी होगी लागत और क्या मिलेगा फायदा।
पटना मेट्रो परियोजना को लेकर एक और बड़ी अपडेट सामने आई है। राजधानी पटना में तेजी से बढ़ रहे मेट्रो नेटवर्क के बीच अब नए मेट्रो ट्रेन सेट की खरीद पर चर्चा शुरू हो गई है। यह नई ट्रेन खास तौर पर खेमनीचक से मीठापुर तक बनने वाले कॉरिडोर-1 पर चलाई जाएगी, जिसे इस साल के अंत तक शुरू करने की तैयारी है।
पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, इस बार ट्रेन को लीज पर लेने के बजाय सीधे खरीदने पर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में खर्च कम होगा और संचालन भी ज्यादा आसान रहेगा।
पटना मेट्रो को मिलेगी दूसरी ट्रेन
फिलहाल पटना मेट्रो के पास केवल एक ट्रेन है, जो आईएसबीटी से भूतनाथ तक के हिस्से में उपयोग की जा रही है। यह ट्रेन पुणे मेट्रो से तीन साल की लीज पर ली गई है। इसके लिए करीब 21 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, जिसमें बीमा लागत भी शामिल है।
अब खेमनीचक–मीठापुर सेक्शन शुरू होने से पहले नई ट्रेन खरीदने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित ट्रेन में एक इंजन और तीन कोच होंगे। इसकी अनुमानित लागत 36 करोड़ से 42 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो जैसे ही कॉरिडोर-1 का नया हिस्सा तैयार होगा, वर्तमान में चल रही लीज वाली ट्रेन को दूसरे रूट पर भेज दिया जाएगा, जबकि नई खरीदी गई ट्रेन इस नए सेक्शन पर यात्रियों को सेवा देगी।
तेजी से आगे बढ़ रहा है खेमनीचक–मीठापुर कॉरिडोर
पटना मेट्रो का खेमनीचक से मीठापुर तक का हिस्सा शहर के सबसे अहम रूट्स में गिना जा रहा है। यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है और यहां रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं।
इस कॉरिडोर पर करीब 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है। इस रूट पर कुल चार स्टेशन बनाए जा रहे हैं —
- खेमनीचक
- जगनपुरा
- रामकृष्ण नगर
- मीठापुर
मेट्रो चालू होने के बाद इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर छात्र, ऑफिस जाने वाले लोग और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।
पटना की ट्रैफिक समस्या का बड़ा समाधान बन सकती है मेट्रो
पटना में पिछले कुछ वर्षों में ट्रैफिक दबाव काफी बढ़ा है। सुबह और शाम के समय शहर के कई प्रमुख इलाकों में लंबा जाम आम बात हो गई है। ऐसे में मेट्रो परियोजना को राजधानी के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।
मेरे हिसाब से अगर पटना मेट्रो का काम इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में लोगों की यात्रा पूरी तरह बदल सकती है। अभी जहां लोगों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे तक लग जाते हैं, वहीं मेट्रो शुरू होने के बाद वही सफर कुछ मिनटों में पूरा हो सकेगा।
13 हजार करोड़ रुपये से बन रहा है बड़ा नेटवर्क
पटना मेट्रो परियोजना बिहार की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में से एक है। करीब 13,365 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह नेटवर्क भविष्य में दानापुर से लेकर पटना सिटी तक शहर को जोड़ेगा।
पूरे नेटवर्क की लंबाई लगभग 31.9 किलोमीटर होगी। मेट्रो शुरू होने के बाद राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का स्वरूप पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।
भूतनाथ–मलाही पकड़ी सेक्शन भी लॉन्च के करीब
अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी है कि भूतनाथ से मलाही पकड़ी सेक्शन का सुरक्षा निरीक्षण पूरा हो चुका है। मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर द्वारा जांच के बाद अब राज्य सरकार इसके औपचारिक उद्घाटन की तैयारी कर रही है।
संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस सेक्शन का उद्घाटन किया जा सकता है।
पटना के भविष्य की नई तस्वीर
एक समय था जब लोगों को लगता था कि मेट्रो सिर्फ दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित रहेगी। लेकिन अब पटना भी तेजी से आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।
आज जिस तरह शहर में मेट्रो स्टेशन, पिलर और ट्रैक का काम तेजी से दिखाई दे रहा है, उससे साफ है कि आने वाले कुछ वर्षों में पटना की पहचान बदलने वाली है। मेट्रो केवल सफर आसान नहीं करेगी, बल्कि शहर के विकास, रोजगार और निवेश को भी नई दिशा देगी।